माइग्रेन क्या है, लक्षण, कारण और इलाज

🔴 माइग्रेन क्या है? तेज सिरदर्द से कहीं ज्यादा गंभीर बीमारी, जानिए लक्षण, कारण और इलाज

नई दिल्ली:
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है, लेकिन जब यह दर्द बार-बार हो, असहनीय हो और दिनभर के कामकाज को प्रभावित करने लगे, तो यह साधारण सिरदर्द नहीं बल्कि माइग्रेन (Migraine) हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, माइग्रेन दुनिया की सबसे ज्यादा परेशान करने वाली न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में से एक है।

भारत में हर 7 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी समय माइग्रेन से प्रभावित होता है, लेकिन जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।

🧠 माइग्रेन क्या है?

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें सिर के एक तरफ या दोनों तरफ तेज, धड़कता हुआ दर्द होता है। यह दर्द कई घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है।

माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके साथ मतली, उल्टी, रोशनी और आवाज से चिढ़ जैसी समस्याएं भी जुड़ी होती हैं।


⚠️ माइग्रेन क्या है, लक्षण, कारण और इलाज

माइग्रेन के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये लक्षण देखे जाते हैं:

  • सिर के एक तरफ तेज दर्द
  • धड़कन जैसा दर्द
  • आंखों के सामने चमक या धुंध दिखना
  • तेज रोशनी या आवाज से परेशानी
  • मतली या उल्टी
  • चक्कर आना
  • थकान और कमजोरी
  • कुछ मामलों में बोलने या देखने में दिक्कत

👁️‍🗨️ माइग्रेन के प्रकार

1️⃣ ऑरा के साथ माइग्रेन (Migraine with Aura)

इसमें सिरदर्द से पहले आंखों के सामने चमकदार रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं या अंधेरे धब्बे दिखाई देते हैं।

2️⃣ बिना ऑरा वाला माइग्रेन

यह सबसे आम प्रकार है, जिसमें अचानक सिरदर्द शुरू होता है।

3️⃣ क्रॉनिक माइग्रेन

जब महीने में 15 या उससे ज्यादा दिन माइग्रेन हो, तो इसे क्रॉनिक माइग्रेन कहते हैं।

4️⃣ हॉर्मोनल माइग्रेन

महिलाओं में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण होता है।


🔍 माइग्रेन होने के मुख्य कारण

विशेषज्ञों के अनुसार माइग्रेन के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • तनाव और चिंता
  • नींद की कमी
  • अधिक स्क्रीन टाइम (मोबाइल, लैपटॉप)
  • तेज धूप या तेज रोशनी
  • ज्यादा कैफीन या शराब
  • भूखे रहना
  • हार्मोनल बदलाव
  • मौसम में अचानक परिवर्तन
  • तेज आवाज या बदबू

 


👩‍⚕️ माइग्रेन महिलाओं में ज्यादा क्यों?

रिसर्च के अनुसार महिलाओं में माइग्रेन पुरुषों की तुलना में लगभग 3 गुना ज्यादा पाया जाता है। इसका मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव है, खासकर एस्ट्रोजन हार्मोन में उतार-चढ़ाव।


🩺 माइग्रेन का निदान कैसे होता है?

माइग्रेन की पहचान के लिए कोई खास ब्लड टेस्ट नहीं होता। डॉक्टर आमतौर पर:

  • मरीज की मेडिकल हिस्ट्री
  • लक्षणों का पैटर्न
  • न्यूरोलॉजिकल जांच

के आधार पर माइग्रेन का निदान करते हैं। कुछ मामलों में MRI या CT स्कैन भी कराया जा सकता है।


💊 माइग्रेन का इलाज

माइग्रेन का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही उपचार से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

🔹 दवाइयां

  • पेन किलर
  • एंटी-माइग्रेन दवाएं
  • एंटी-नॉजिया मेडिसिन

⚠️ दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें।


🌿 माइग्रेन में घरेलू उपाय

  • नियमित योग और ध्यान
  • ठंडे पानी से सिर पर पट्टी
  • पर्याप्त नींद
  • पानी ज्यादा पिएं
  • कैफीन सीमित करें
  • तनाव से दूर रहें

🥗 माइग्रेन में क्या खाएं और क्या न खाएं

✅ फायदेमंद आहार

  • हरी सब्जियां
  • फल
  • ओमेगा-3 युक्त भोजन
  • दही और छाछ

❌ परहेज करें

  • जंक फूड
  • चॉकलेट
  • प्रोसेस्ड फूड
  • ज्यादा नमक


⏰ माइग्रेन से बचाव के उपाय

  • समय पर सोना-जागना
  • मोबाइल और लैपटॉप का सीमित उपयोग
  • रोजाना हल्की एक्सरसाइज
  • तनाव प्रबंधन
  • नियमित भोजन

🚨 कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?

अगर माइग्रेन के साथ ये लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  • अचानक बहुत तेज सिरदर्द
  • बोलने या चलने में दिक्कत
  • बेहोशी
  • आंखों की रोशनी अचानक चली जाना

माइग्रेन कोई साधारण सिरदर्द नहीं बल्कि एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है। सही जानकारी, समय पर इलाज और जीवनशैली में बदलाव से माइग्रेन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। यदि आपको बार-बार सिरदर्द होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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https://en.wikipedia.org/wiki/Migraine