🌞 सूरज की चुप्पी 🌿
🌞 सूरज की चुप्पी 🌿कवि : रामधारी सिंह ‘दिनकर’ सुबह की देहरी पर सूरज खड़ा था मौन, लाल आँखों में छुपाए हज़ारों सालों का रोना। धरती ने पूछा धीमे से…
🕉️ विश्व की रहस्यमयी कथाएँ
🌞 सूरज की चुप्पी 🌿कवि : रामधारी सिंह ‘दिनकर’ सुबह की देहरी पर सूरज खड़ा था मौन, लाल आँखों में छुपाए हज़ारों सालों का रोना। धरती ने पूछा धीमे से…
गोपालप्रसाद व्यास की कविता- तुम कहती हो कि नहाऊँ मैं! ✍️ कविता तुम कहती हो कि नहाऊँ मैं! क्या मैंने ऐसे पाप किए, जो इतना कष्ट उठाऊँ मैं? क्या आत्म-शुद्धि…